कश्मीर के गांदरबल जिले स्थित प्रसिद्ध माता खीर भवानी मंदिर में आयोजित होने वाले वार्षिक मेले में भाग लेने के लिए जम्मू से 8,500 से अधिक श्रद्धालु 214 बसों के काफिले में कश्मीर के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं के इस विशाल जत्थे को प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और धार्मिक आस्था देखने को मिली।
माता खीर भवानी का मंदिर कश्मीरी पंडित समुदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। हर वर्ष ज्येष्ठ अष्टमी के अवसर पर यहां विशाल मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं। पूरे मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं तथा बसों के काफिले को सुरक्षा एस्कॉर्ट उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल, विश्राम स्थल और आपातकालीन सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।
गांदरबल के तुलमुल्ला क्षेत्र में स्थित खीर भवानी मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन ने साफ-सफाई, बिजली, पानी और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि खीर भवानी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि कश्मीरी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। वर्षों से यह मेला लोगों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करता आ रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस वर्ष का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल रहेगा तथा श्रद्धालु आध्यात्मिक अनुभव के साथ वापस लौटेंगे।