लद्दाख में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 31 अगस्त को 30 स्मार्ट बस आश्रयों की आधारशिला रखी। इनमें 15 आश्रय लेह और 15 कारगिल में बनाए जाएंगे। इस परियोजना का उद्देश्य यात्रियों को खराब मौसम से सुरक्षा देने के साथ-साथ बसों की जानकारी और सुरक्षा संबंधी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
लद्दाख की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अत्यधिक ठंड को ध्यान में रखते हुए इन बस आश्रयों का निर्माण किया जाएगा। सर्दियों में यहां तापमान शून्य से काफी नीचे चला जाता है और कई स्थानों पर तेज हवाओं तथा बर्फबारी का सामना करना पड़ता है। ऐसे मौसम में विद्यार्थियों, बुजुर्गों, महिलाओं, कामकाजी लोगों और रोजाना बस से यात्रा करने वाले यात्रियों को खुले स्थानों पर बस का इंतजार करना मुश्किल होता है। नए आश्रय उन्हें सुरक्षित और मौसम से बचाव वाला स्थान उपलब्ध कराएंगे।
स्मार्ट बस आश्रयों में GPS आधारित यात्री सूचना प्रणाली, एलईडी प्रदर्शन पट्ट और बसों की वास्तविक समय स्थिति बताने वाली व्यवस्था होगी। यात्री बस के मार्ग और उसके पहुंचने के अनुमानित समय की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन सहायता बटन, प्राथमिक उपचार सामग्री, आपातकालीन ऑक्सीजन सिलेंडर और अग्निशमन उपकरण भी लगाए जाएंगे।
परियोजना की एक खास विशेषता सौर ऊर्जा व्यवस्था होगी। प्रत्येक बस आश्रय में 2 किलोवाट क्षमता की सौर ऊर्जा प्रणाली, बैटरी भंडारण और मिश्रित परिवर्तक लगाया जाएगा। इससे यात्री सूचना प्रणाली, वाई-फाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता और संचालन लागत कम करने के साथ लद्दाख के कार्बन-न्यून विकास लक्ष्य को भी बढ़ावा मिलेगा।
इन आश्रयों में दृष्टिबाधित यात्रियों की सुविधा के लिए स्पर्श आधारित पट्टियां और सुगम आवागमन की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही इनके डिजाइन में पारंपरिक लद्दाखी वास्तुकला के तत्व शामिल किए जाएंगे। इस तरह आधुनिक तकनीक के साथ स्थानीय संस्कृति और पहचान को भी संरक्षित रखने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना लद्दाख में सुरक्षित, टिकाऊ और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी।