श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के शुरू होने के साथ ही जम्मू में आर्थिक गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। हर वर्ष की तरह इस बार भी देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू पहुंच रहे हैं, जिससे होटल, गेस्ट हाउस, टैक्सी सेवाएं, परिवहन, रेस्तरां, दुकानों और स्थानीय व्यापार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। व्यापारियों का कहना है कि यात्रा सीजन से इस वर्ष कारोबार में अच्छी वृद्धि होने की उम्मीद है।
जम्मू शहर स्थित भगवती नगर यात्री निवास और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। होटल और धर्मशालाओं में बुकिंग बढ़ने लगी है, जबकि टैक्सी और बस ऑपरेटरों को भी यात्रियों की संख्या में इजाफे का लाभ मिल रहा है। यात्रा मार्ग पर जाने वाले वाहनों की मांग बढ़ने से परिवहन व्यवसाय में भी तेजी आई है।
स्थानीय बाजारों में पूजा सामग्री, ऊनी कपड़े, रेनकोट, छाते, ट्रैकिंग उपकरण, दवाइयां, सूखे मेवे और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बिक्री में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके अलावा स्थानीय हस्तशिल्प, स्मृति चिह्न और पारंपरिक उत्पादों की मांग भी बढ़ रही है। छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और भोजनालय संचालकों के लिए भी यह यात्रा सीजन आय का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यात्रा को सुचारु बनाने के लिए सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और सफाई संबंधी व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। बेहतर प्रबंधन के कारण श्रद्धालुओं को सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलने की उम्मीद है, जिसका सकारात्मक असर स्थानीय पर्यटन और व्यापार पर भी पड़ेगा।
व्यापार मंडलों का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा और यात्रा बिना किसी व्यवधान के जारी रही, तो इस वर्ष कारोबार पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर रह सकता है। होटल उद्योग, परिवहन क्षेत्र और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को इससे विशेष लाभ मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर की स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार भी है। यात्रा के दौरान होने वाली आर्थिक गतिविधियां हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार और आय का अवसर प्रदान करती हैं, जिससे क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलती है।