लद्दाख की नुब्रा घाटी में स्थित थोइस एयरपोर्ट से दिसंबर 2026 तक नागरिक उड़ानें शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। इस दिशा में लद्दाख प्रशासन, भारतीय वायुसेना, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारी मिलकर काम कर रहे हैं। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में हवाई अड्डे को नागरिक उड़ानों के लिए तैयार करने से जुड़े बुनियादी ढांचे और अन्य आवश्यकताओं पर चर्चा की गई।
थोइस एयरपोर्ट फिलहाल रक्षा क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है। अब यहां नागरिक विमान सेवा शुरू होने से नुब्रा घाटी और आसपास के दूरदराज इलाकों को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर हवाई संपर्क मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में नुब्रा घाटी तक पहुंचने के लिए मुख्य रूप से सड़क मार्ग का इस्तेमाल किया जाता है। हवाई सेवा शुरू होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी काफी सुविधा मिल सकती है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने नुब्रा में नए नागरिक टर्मिनल के निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन आवंटित करने की मंजूरी दी है। एयरपोर्ट के रनवे पर दोबारा सतह बिछाने का काम भी चल रहा है, जिसे नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
हालांकि, नागरिक उड़ानें शुरू करने के लिए नए टर्मिनल के पूरी तरह तैयार होने का इंतजार नहीं किया जाएगा। योजना के तहत मौजूदा चार्टर उड़ान टर्मिनल का आवश्यक सुधार और नवीनीकरण करके वहीं से नागरिक संचालन शुरू किया जा सकता है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को मौजूदा टर्मिनल के लिए जरूरी सुविधाओं की जानकारी देने को कहा गया है। इसके आधार पर लद्दाख लोक निर्माण विभाग आवश्यक सुधार कार्य करेगा।
नागरिक उड़ान शुरू होने से तुर्तुक, नुब्रा घाटी और सियाचिन आधार शिविर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। पर्यटन के अलावा स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी इससे लाभ मिल सकता है।
लद्दाख प्रशासन का लक्ष्य दिसंबर तक इस सेवा को शुरू करना है। यदि निर्माण, तकनीकी और नियामकीय तैयारियां तय समय पर पूरी होती हैं, तो थोइस एयरपोर्ट से नागरिक उड़ानें लद्दाख के दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों की संपर्क व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती हैं।