लद्दाख में राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रस्तावित कारगिल-लेह पदयात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस से जुड़े नेताओं ने यह फैसला केंद्र सरकार के साथ 9 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली महत्वपूर्ण वार्ता को देखते हुए लिया है। पहले यह पदयात्रा 10 सितंबर से शुरू होने वाली थी और कारगिल से लेह तक प्रस्तावित थी।
पदयात्रा का उद्देश्य लद्दाख की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और संवैधानिक मांगों को मजबूती से उठाना था। इसमें लद्दाख को राज्य का दर्जा देने, छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा प्रदान करने और क्षेत्र में अधिक लोकतांत्रिक अधिकार सुनिश्चित करने जैसी मांगें प्रमुख हैं। इसके अलावा पिछले वर्ष सितंबर में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों की वापसी और प्रभावित परिवारों के लिए न्याय एवं सहायता की मांग भी आंदोलन का हिस्सा रही है।
लेह एपेक्स बॉडी के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा है कि पदयात्रा स्थगित करने का निर्णय आंदोलन समाप्त करने का संकेत नहीं है। संगठन की नजर अब 9 सितंबर को होने वाली वार्ता के परिणाम पर है। यदि केंद्र सरकार के साथ बातचीत में लद्दाख की मांगों पर ठोस और सकारात्मक प्रगति होती है तो आंदोलन को आगे बढ़ाने की आवश्यकता कम हो सकती है। वहीं, यदि वार्ता में देरी होती है या अपेक्षित परिणाम नहीं निकलता है तो आंदोलन को फिर से तेज करने की चेतावनी दी गई है।
केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की उपसमिति 9 सितंबर को लद्दाख के प्रतिनिधियों के साथ नई दिल्ली में बैठक करेगी। इस बैठक में लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। लद्दाख प्रशासन ने भी इस बैठक को केंद्र और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों के बीच जारी संवाद का हिस्सा बताया है।
आंदोलन से जुड़े नेताओं का कहना है कि पदयात्रा को स्थगित करने का उद्देश्य बातचीत के लिए अवसर देना है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि लद्दाख की प्रमुख मांगों पर ठोस समाधान मिलने तक आंदोलन का मुद्दा समाप्त नहीं हुआ है। यदि वार्ता विफल रहती है तो सितंबर के दूसरे हिस्से में विरोध कार्यक्रम दोबारा आयोजित किए जा सकते हैं।
अब सभी की नजर 9 सितंबर की बैठक पर है। इस बैठक में होने वाली चर्चा और केंद्र सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदम यह तय करेंगे कि लद्दाख में आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ेगा। फिलहाल कारगिल से लेह तक प्रस्तावित पदयात्रा स्थगित है और क्षेत्र में राजनीतिक संवाद को प्राथमिकता दी जा रही है।