उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले के टांगमर्ग क्षेत्र में आधुनिक फल और सब्जी मंडी की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वुसान बांगिल, करहामा में प्रस्तावित आधुनिक फल एवं सब्जी मंडी की आधारशिला रखी। लंबे समय से स्थानीय बागवानों और किसानों की ओर से क्षेत्र में व्यवस्थित मंडी की मांग की जा रही थी। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से टांगमर्ग और आसपास के इलाकों में बागवानी तथा कृषि गतिविधियों को मजबूत आधार मिलेगा।
प्रस्तावित मंडी करीब 50 कनाल भूमि पर विकसित की जाएगी और इसे टांगमर्ग-गुलमर्ग मार्ग से सीधा जोड़ा जाएगा। यह क्षेत्र उत्तर कश्मीर के प्रमुख बागवानी क्षेत्रों में शामिल है, जहां बड़ी मात्रा में सेब, अन्य फल और सब्जियां पैदा होती हैं। अभी किसानों और बागवानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर स्थित बाजारों पर निर्भर रहना पड़ता है। नई मंडी बनने के बाद स्थानीय स्तर पर ही खरीदारों और उत्पादकों के बीच संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।
मंडी में फल और सब्जियों की छंटाई, श्रेणी निर्धारण, पैकिंग और विपणन के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे किसानों को अपनी उपज बेहतर तरीके से बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। बेहतर भंडारण और परिवहन व्यवस्था से कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने में भी सहायता मिल सकती है। सरकार को उम्मीद है कि संगठित बाजार व्यवस्था से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित मंडी से बारामूला और बडगाम जिलों के 19 विकासखंडों में रहने वाली लगभग नौ लाख आबादी को लाभ पहुंचने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को केवल पर्यटन पर निर्भर मानना उचित नहीं है। कृषि, बागवानी, फल उत्पादन और डेयरी जैसे क्षेत्रों का भी जम्मू-कश्मीर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है।
उमर अब्दुल्ला ने मंडी तक पहुंचने वाली सड़क को बेहतर और चौड़ा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि अच्छी सड़क और परिवहन व्यवस्था के बिना मंडी का पूरा लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पाएगा। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और परिवहन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
टांगमर्ग में आधुनिक मंडी की स्थापना को क्षेत्र के बागवानों के लिए लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति के रूप में देखा जा रहा है। यदि परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार पूरी होती है, तो इससे स्थानीय कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और व्यापक बाजारों तक पहुंच मिलने की संभावना है।