जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में स्थित हजरतबल दरगाह के समीप एक विशेष सूफी आध्यात्मिक समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र की शांति, भाईचारे और समृद्धि के लिए सामूहिक दुआएं की गईं।
धार्मिक विद्वानों ने अपने संबोधन में कहा कि सूफी परंपरा कश्मीर की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और यह लोगों के बीच प्रेम, सहिष्णुता और सद्भाव का संदेश देती है। समारोह के दौरान कुरआन शरीफ की तिलावत और नात-ए-पाक का आयोजन भी किया गया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
आयोजकों के अनुसार, इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना और युवाओं को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना है। कार्यक्रम के अंत में क्षेत्र की शांति और विकास के लिए विशेष प्रार्थना की गई।