नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत मिलने के बाद तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया है। पटियाला हाउस अदालत ने 15 सितंबर को उन्हें अंतरिम राहत दी थी। जमानत की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 17 सितंबर की देर रात उनकी जेल से रिहाई हुई।
यह मामला 23 जून को जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। मामले में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और बाद में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गईं। पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था।
मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललेर की अदालत में हुई। भारद्वाज ने नियमित जमानत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत देने का फैसला किया। अदालत ने संकेत दिया कि नियमित जमानत के आवेदन पर आगे का निर्णय इस अवधि के दौरान उनके आचरण को देखते हुए किया जाएगा।
अदालत ने जमानत के साथ कई शर्तें भी लगाई हैं। भारद्वाज को मामले से जुड़े गवाहों या पीड़ित पक्ष से संपर्क करने से रोका गया है। साथ ही उन्हें मामले के संबंध में सामाजिक माध्यमों, समाचार माध्यमों या अन्य सार्वजनिक मंचों पर बयान देने से भी प्रतिबंधित किया गया है।
अदालत की ओर से दी गई अंतरिम जमानत मामले में दोष या निर्दोषता का अंतिम फैसला नहीं है। मामले की जांच और कानूनी कार्यवाही आगे जारी रहेगी। आने वाले समय में अदालत के समक्ष जांच की प्रगति और जमानत की आगे की स्थिति पर सुनवाई होगी।