स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ कर दिया गया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए व्यापक सुरक्षा योजना लागू की है। इसके तहत शहर के प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों, पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों, बाजारों, होटल क्षेत्रों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से निगरानी अभियान चला रही हैं। शहर के संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त बढ़ा दी गई है, जबकि प्रवेश और निकास मार्गों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है। कई स्थानों पर अस्थायी जांच चौकियां स्थापित की गई हैं, जहां पहचान पत्रों की जांच के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों जैसे डल झील, मुगल गार्डन, शंकराचार्य मंदिर, हजरतबल दरगाह और अन्य प्रमुख स्थानों पर भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। बड़ी संख्या में पर्यटकों के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के साथ-साथ यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की भी विशेष व्यवस्था की है। सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की सहायता से पूरे शहर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों ने सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों पर भी निगरानी बढ़ा दी है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें, किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें तथा अफवाहों से बचें।
अधिकारियों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से श्रीनगर में सुरक्षा व्यवस्था के सभी पहलुओं की लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि आम नागरिकों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।