कश्मीर की अर्थव्यवस्था में पर्यटन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन श्रीनगर हवाई अड्डे के आंशिक रूप से बंद रहने की आशंका ने पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ा दी है। होटल व्यवसायियों, ट्रैवल एजेंसियों, टैक्सी संचालकों और स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि यदि हवाई अड्डे की सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो इसका सीधा असर पर्यटकों की आवाजाही और पर्यटन उद्योग पर पड़ सकता है।
श्रीनगर हवाई अड्डा कश्मीर आने वाले अधिकांश पर्यटकों के लिए प्रमुख प्रवेश द्वार है। हर वर्ष लाखों पर्यटक हवाई मार्ग से घाटी पहुंचते हैं और स्थानीय पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देते हैं। ऐसे में उड़ानों की संख्या में कमी या परिचालन पर किसी प्रकार का प्रतिबंध पर्यटन सीजन के दौरान कारोबार को प्रभावित कर सकता है।
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि हाल के वर्षों में कश्मीर में पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग, डल झील और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। यदि हवाई अड्डे के संचालन में बाधा आती है, तो कई यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है, जिससे बुकिंग रद्द होने और आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ जाएगी।
हालांकि प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और यात्रियों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निर्णय से पहले सुरक्षा, संचालन और यात्रियों की सुविधा जैसे सभी पहलुओं का ध्यान रखा जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन क्षेत्र की स्थिरता बनाए रखने के लिए हवाई संपर्क का सुचारु रूप से जारी रहना बेहद जरूरी है। स्थानीय व्यापारियों ने भी सरकार से अनुरोध किया है कि पर्यटन सीजन के दौरान उड़ान सेवाओं को यथासंभव सामान्य बनाए रखा जाए।
फिलहाल पर्यटन उद्योग और यात्रियों की नजर प्रशासन के अगले कदमों पर टिकी हुई है। सभी को उम्मीद है कि स्थिति जल्द स्पष्ट होगी और कश्मीर आने वाले पर्यटकों की यात्रा बिना किसी बड़ी बाधा के जारी रह सकेगी।