अभिनेत्री संदीपा धर की हालिया कश्मीर यात्रा उनके लिए केवल पर्यटन या अपने गृह क्षेत्र को देखने का अवसर नहीं रही, बल्कि यह उनके परिवार के अतीत से दोबारा जुड़ने वाला भावुक अनुभव बन गई। कश्मीर पहुंचने के दौरान संदीपा अपने पुश्तैनी घर भी गईं, जहां उन्हें कई ऐसी पुरानी वस्तुएं मिलीं, जो बीते दशकों की पारिवारिक यादों को अपने भीतर संजोए हुए थीं।
संदीपा धर का परिवार कश्मीर से जुड़ा रहा है और वह पहले भी अपने पुश्तैनी घर की यात्रा कर चुकी हैं। इस बार घर पहुंचने पर उन्हें यह देखकर भावुकता हुई कि वर्षों से परिवार के वहां न रहने के बावजूद घर की कुछ पुरानी निशानियां अब भी सुरक्षित हैं। घर में बिजली और पानी की सुविधा नहीं है तथा मूल घरेलू सामान का अधिकांश हिस्सा वहां मौजूद नहीं है। इसके बावजूद घर की दीवारें परिवार के पुराने जीवन की याद दिलाती हैं।
यात्रा के दौरान संदीपा को लकड़ी की एक खूबसूरत नक्काशीदार अलमारी मिली। बताया गया कि यह अलमारी लगभग 80 से 90 वर्ष पुरानी है और काफी हद तक सुरक्षित है। इसके अलावा एक पुराने कपाट में उन्हें कई दशक पुराने एयर इंडिया के विमान टिकट और सामान से जुड़े टैग भी मिले। इन छोटी-छोटी चीजों ने उनके लिए उस समय की यादों को फिर से जीवंत कर दिया, जब परिवार का जीवन कश्मीर से जुड़ा हुआ था।
संदीपा को अपने चाचा के पुराने सिलवाए हुए सूट भी मिले। इनमें कुछ कपड़े ब्रिटेन में तैयार करवाए गए थे। अभिनेत्री ने इन वस्तुओं को केवल पुराना सामान नहीं, बल्कि परिवार के इतिहास से जुड़ी अनमोल निशानियां माना।
कश्मीर यात्रा के दौरान संदीपा ने शालीमार बाग, नगीन झील और परी महल जैसे स्थानों की भी यात्रा की। उन्होंने नगीन झील को अपने पसंदीदा स्थानों में बताया। उनकी तस्वीरों और अनुभवों ने इस यात्रा को भावनात्मक और यादगार बना दिया।
संदीपा धर की यह यात्रा बताती है कि पुश्तैनी घर केवल एक इमारत नहीं होता, बल्कि उसमें परिवार की यादें, इतिहास और भावनाएं भी जुड़ी होती हैं। वर्षों बाद पुरानी वस्तुओं के बीच पहुंचना उनके लिए अपने अतीत के एक भूले हुए हिस्से से दोबारा मिलने जैसा रहा।