श्रीनगर में यौम-ए-आशूरा श्रद्धा, अनुशासन और शांतिपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने पारंपरिक जुलूस में भाग लेकर हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) और करबला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहर के विभिन्न इलाकों से निकलने वाले जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर गुजरे, जहां लोगों ने मातम, मजलिस और धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लिया। प्रशासन ने पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं।
यात्रा और जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों की अतिरिक्त तैनाती की गई थी। संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी रखी गई और सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन तथा अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की मदद से पूरे मार्ग की लगातार मॉनिटरिंग की गई। अधिकारियों ने बताया कि आयोजन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली और कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए श्रीनगर ट्रैफिक पुलिस ने कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया था। लोगों को पहले से ही वैकल्पिक मार्गों की जानकारी जारी कर दी गई थी, जिससे शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। ट्रैफिक कर्मियों को प्रमुख चौराहों और जुलूस मार्गों पर तैनात किया गया था ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारु बनी रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने भी आयोजन के दौरान एंबुलेंस, मेडिकल टीमों और प्राथमिक उपचार केंद्रों की व्यवस्था की थी। नगर निगम और अन्य विभागों ने साफ-सफाई, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। प्रशासन ने आयोजन में सहयोग करने के लिए धार्मिक संगठनों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों का आभार व्यक्त किया। अधिकारियों ने कहा कि सभी पक्षों के सहयोग और बेहतर समन्वय के कारण यौम-ए-आशूरा का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।