लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ हस्तनिर्मित वस्त्र और लूम (loom) कला के लिए भी जाना जाता है। यहां के लोग सदियों से हैंडलूम वीलिंग के माध्यम से पारंपरिक वस्त्र, शॉल और कंबल बनाते आए हैं। इन लूमों पर तैयार होने वाले उत्पाद न केवल ठंड से बचाते हैं, बल्कि लद्दाख की संस्कृति और शिल्पकला की पहचान भी हैं। लद्दाख के लूम मुख्य रूप से पश्मीना शॉल, ऊनी कम्बल और पारंपरिक वस्त्र बनाने के लिए इस्तेमाल होते हैं। ये उत्पाद स्थानीय भेड़ और याक की ऊन से तैयार किए जाते हैं, और हर डिजाइन में जटिल बुनाई और पारंपरिक पैटर्न…
Author: Ladakh Samachar
देशभर में अपराध के आंकड़ों के बीच लद्दाख एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभरा है। विभिन्न रिपोर्टों और सरकारी आकलनों के अनुसार, लद्दाख में अपराध दर देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तुलना में सबसे कम मानी जा रही है। शांत सामाजिक माहौल, मजबूत सामुदायिक संबंध और प्रभावी प्रशासन इसकी प्रमुख वजहें बताई जा रही हैं। लद्दाख की भौगोलिक स्थिति, कम जनसंख्या और पारंपरिक जीवनशैली भी अपराध को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाती है। यहां लोग एक‑दूसरे को जानते हैं और सामाजिक निगरानी अपने‑आप बनी रहती है। पुलिस और प्रशासन का स्थानीय समुदाय से बेहतर तालमेल भी…
दिल्ली के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। सरकार की नई और मौजूदा कल्याणकारी योजनाओं के तहत राजधानी के लाखों लोगों के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य महंगाई के दौर में आम जनता को आर्थिक सहारा देना और उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को आसान बनाना है। दिल्ली सरकार महिलाओं, बुजुर्गों, छात्रों और जरूरतमंद वर्गों के लिए पहले से ही कई डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाएं चला रही है। इनमें महिला सम्मान राशि, बुजुर्ग पेंशन, विधवा पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं शामिल हैं। पात्र लाभार्थियों को बिना किसी भागदौड़ के…
कश्मीर क्षेत्र में हाल ही में पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसियों में सतर्कता बढ़ गई है। रिपोर्टों के अनुसार, ये ड्रोन सीमा पार से भारत के नियंत्रण वाले क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं और कुछ मामलों में अवैध आपूर्ति पहुंचाने की कोशिश भी की जा रही है। ड्रोन का इस्तेमाल आम तौर पर हथियार, हथगोले या अन्य संवेदनशील सामग्री भेजने के लिए किया जाता है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति पर सीधा असर पड़ता है। भारतीय सेना और केंद्रीय सुरक्षा बल लगातार ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम और एंटी‑ड्रोन तकनीक के माध्यम से इन गतिविधियों…
दलाई लामा, तिब्बती बौद्ध धर्म के 14वें आध्यात्मिक नेता, इस समय उत्तराधिकारी (successor) के सवाल को लेकर विश्व चर्चा में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका उत्तराधिकारी “फ्री वर्ल्ड” में जन्म लेगा, यानी चीन के बाहर — यह पहली बार है जब उन्होंने इतनी सटीक रूप से यह बात कही है। यह उनके एक नए किताब बयान में सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अगला दलाई लामा स्वतंत्र दुनिया में जन्म लेकर उनके करुणा और धर्म के मिशन को आगे बढ़ाएगा। चीन इस पर नाराज़ है और कह रहा है कि दलाई लामा को उत्तराधिकारी चुनने का अधिकार…
लद्दाख में पैंगोंग झील के आसपास चीन की गतिविधियों को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं लगातार बनी हुई हैं। रिपोर्टों और सैन्य आकलनों के अनुसार, चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के नज़दीक बुनियादी ढांचे के विकास, सड़कों, सैन्य ठिकानों और निगरानी व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटा है। भारत इसे क्षेत्र में यथास्थिति बदलने की कोशिश के रूप में देखता है। पैंगोंग झील सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील इलाका है। यहां चीन द्वारा नावों की तैनाती, निगरानी उपकरणों और सैन्य गश्त बढ़ाने जैसे कदमों को लेकर भारत सतर्क है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों…
जोजिला टनल का निर्माण लद्दाख के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव साबित होने जा रहा है। यह टनल श्रीनगर को लेह से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जिससे लद्दाख अब पूरे साल देश के अन्य हिस्सों से जुड़ा रहेगा। अब तक भारी बर्फबारी के कारण सर्दियों में जोजिला दर्रा बंद हो जाता था, जिससे आवाजाही और आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित होती थी। टनल के बनने से यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। जोजिला टनल से न केवल यात्रा आसान और सुरक्षित होगी, बल्कि समय और ईंधन की भी बड़ी बचत होगी। इससे पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि…
लेह-लद्दाख क्षेत्र में एक बार फिर भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.7 मापी गई, जिससे पूरे इलाके में धरती तेज़ी से कांप उठी। भूकंप के झटके इतने स्पष्ट थे कि लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। कुछ सेकंड तक चले इन झटकों ने आम जनजीवन को अस्थायी रूप से प्रभावित किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र लेह-लद्दाख क्षेत्र में ही था और इसकी गहराई मध्यम बताई जा रही है। फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन द्वारा स्थिति पर…
77वें गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) की परेड के लिए दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य तैयारियाँ अपने अंतिम चरण में हैं। इस वर्ष का समारोह सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का एक अनूठा संगम होगा। इस वर्ष की थीम “वंदे मातरम् के 150 वर्ष” और “आत्मनिर्भर भारत” है। परेड के दौरान 1923 की दुर्लभ पेंटिंग्स के माध्यम से ‘वंदे मातरम’ के छंदों को प्रदर्शित किया जाएगा। पहली बार यूरोपीय संघ (EU) के दो शीर्ष नेता—यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन—संयुक्त रूप से मुख्य अतिथि होंगे।
लेह, लद्दाख की बर्फ से ढकी वादियों में 6वें खेलो इंडिया विंटर गेम्स का भव्य शुभारंभ हो गया है। देशभर से आए युवा खिलाड़ी शीतकालीन खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एकत्र हुए हैं। इस प्रतिष्ठित आयोजन ने न सिर्फ खेल प्रेमियों में उत्साह भर दिया है, बल्कि लद्दाख को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिलाई है। खेलो इंडिया विंटर गेम्स का उद्देश्य शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देना और युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करना है। इस संस्करण में आइस हॉकी, आइस स्केटिंग, स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और अन्य बर्फीले खेलों को शामिल किया…