हालिया बजट में परिवहन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिसका उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करना और शहरी दबाव को कम करना है। खासकर दिल्ली-NCR जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में तेज़, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधाओं के विकास पर ज़ोर दिया गया है। बजट में सड़क, रेल और मेट्रो परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) जैसी योजनाओं को गति देने के लिए बजट में बड़ा आवंटन किया गया है, जिससे रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) जैसी परियोजनाएँ तेज़ी से पूरी हो सकें। इससे दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच यात्रा का समय घटेगा और रोज़ाना आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
इसके अलावा, इलेक्ट्रिक बसों, आधुनिक बस टर्मिनलों और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम पर भी निवेश बढ़ाया गया है। सरकार का मानना है कि बेहतर सार्वजनिक परिवहन न केवल प्रदूषण कम करेगा, बल्कि ईंधन की बचत और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
कुल मिलाकर, बजट में परिवहन को बढ़ावा देना शहरी विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। यदि योजनाओं का समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन होता है, तो इससे आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा और भविष्य की परिवहन चुनौतियों का समाधान संभव हो सकेगा।