केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने छात्रों से समर्पण, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया। एक शैक्षणिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के राष्ट्रनिर्माता हैं, इसलिए उन्हें अपनी पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए।
उपराज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की शक्ति देती है। उन्होंने छात्रों को डिजिटल युग की चुनौतियों के प्रति सजग रहने और तकनीक का उपयोग सीखने की भी सलाह दी, ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में खुद को साबित कर सकें।
उन्होंने शिक्षकों की भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि गुरु ही विद्यार्थियों को सही दिशा दिखाते हैं। शिक्षकों को चाहिए कि वे छात्रों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करें। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई कि वे बच्चों को प्रोत्साहित करें और उनके सपनों को साकार करने में सहयोग दें।
कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्रों को सम्मानित भी किया गया। उपराज्यपाल ने कहा कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि लद्दाख के छात्र अपने समर्पण और मेहनत से प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करेंगे।
अंत में उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने का संदेश दिया।