जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले में घायल दूसरे प्रवासी मजदूर की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद मृतकों की संख्या बढ़ गई है। हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है तथा आतंकियों की तलाश में सुरक्षा बलों ने व्यापक घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीमें संदिग्ध क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की थी, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक घायल मजदूर ने पहले ही दम तोड़ दिया था। अब दूसरे घायल मजदूर की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। चिकित्सकों ने उसे बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन उसकी गंभीर चोटों के कारण जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है। जंगलों, बागानों और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बल आधुनिक निगरानी उपकरणों, ड्रोन और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से आतंकियों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हमले में शामिल आतंकियों की पहचान करने और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार या निष्क्रिय करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। प्रशासन ने घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाकर आतंकवादी घाटी में भय का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कायराना हमलों से आतंकवाद के खिलाफ अभियान कमजोर नहीं पड़ेगा। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।