Pangong Lake और उसके आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते पर्यटन और पर्यावरणीय दबाव को देखते हुए लद्दाख प्रशासन ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य झील और आसपास के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखना है। हाल के वर्षों में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण इलाके में प्लास्टिक कचरा, जल प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान की चिंताएं लगातार बढ़ रही थीं।
नए दिशा-निर्देशों के तहत पर्यटकों और स्थानीय कारोबारियों को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने के निर्देश दिए गए हैं। झील के आसपास कचरा फैलाने पर जुर्माना लगाने की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन ने होटल, कैंप और होमस्टे संचालकों को अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है। इसके अलावा पर्यटकों की आवाजाही और वाहनों की संख्या को नियंत्रित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार पैंगोंग झील केवल पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि एक बेहद संवेदनशील पर्यावरणीय क्षेत्र भी है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को बचाने के लिए स्थानीय समुदायों और पर्यटकों दोनों का सहयोग जरूरी माना जा रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र की प्राकृतिक स्थिति को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।