लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला उन्होंने लगभग नौ महीने के कार्यकाल के बाद लिया। उनके इस्तीफे की खबर सामने आते ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
कविंदर गुप्ता ने जुलाई 2025 में लद्दाख के उपराज्यपाल के रूप में पदभार संभाला था। वे इस केंद्र शासित प्रदेश के तीसरे उपराज्यपाल थे। इससे पहले वे जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने गुरुवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दिया। हालांकि इस्तीफे के पीछे की आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं बताई गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनावी माहौल और पार्टी की रणनीति के कारण उन्हें नई जिम्मेदारी दी जा सकती है।
उनके कार्यकाल के दौरान लद्दाख में कई महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा में रहे। स्थानीय संगठनों और नागरिक समूहों ने राज्य का दर्जा, संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार में आरक्षण की मांग को लेकर कई बार प्रदर्शन किए। इन मांगों को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज रहीं।
कविंदर गुप्ता के इस्तीफे के बाद अब केंद्र सरकार जल्द ही नए उपराज्यपाल की नियुक्ति कर सकती है। प्रशासनिक स्तर पर यह बदलाव लद्दाख की राजनीति और विकास योजनाओं पर भी असर डाल सकता है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार लद्दाख के लिए किस प्रकार की नई नीतियां और नेतृत्व प्रस्तुत करती है। फिलहाल, कविंदर गुप्ता के इस्तीफे ने देश की राजनीति में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है।