जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून के तहत दर्ज एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 70 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क की है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई प्रतिबंधित संगठन से कथित संबंध और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े मामले की जांच के दौरान की गई। इसके साथ ही मामले से संबंधित कई स्थानों पर तलाशी अभियान भी चलाया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कुर्क की गई संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 70 लाख रुपये है। कार्रवाई का उद्देश्य ऐसी संपत्तियों के इस्तेमाल और हस्तांतरण पर रोक लगाना है, जिनके बारे में जांच एजेंसियों को संदेह है कि उनका संबंध प्रतिबंधित गतिविधियों या उनसे जुड़े नेटवर्क से रहा है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति को अपने नियंत्रण में लिया है।
इस कार्रवाई से पहले जांच एजेंसियों ने मामले से जुड़े कई स्थानों पर तलाशी ली। तलाशी अभियान के दौरान दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री जुटाए जाने की जानकारी सामने आई है। इन वस्तुओं की जांच के जरिए पुलिस मामले से जुड़े लोगों, उनके संपर्कों और कथित गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में गैरकानूनी गतिविधियों और प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। जांच एजेंसियां वित्तीय संसाधनों और संपत्तियों के संभावित इस्तेमाल की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, कानून के तहत संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों के लिए आर्थिक संसाधनों की उपलब्धता को रोकना है।
हालांकि, संपत्ति कुर्क किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति या संगठन के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप न्यायिक रूप से सिद्ध हो चुके हैं। मामले में अंतिम निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
पुलिस ने कहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले से जुड़े अन्य लोगों या संपत्तियों के बारे में भी कार्रवाई की जा सकती है। सुरक्षा एजेंसियां जम्मू-कश्मीर में गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े मामलों की निगरानी कर रही हैं और कानून के तहत आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस कार्रवाई को क्षेत्र में प्रतिबंधित संगठनों के कथित वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की पुलिस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।