जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने राजौरी जिले के दरहाल स्थित खंड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में सेवा पुस्तिकाओं से कथित छेड़छाड़ और वेतन से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए हैं। विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत जांच और लेखा परीक्षण के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति का उद्देश्य अभिलेखों की जांच कर यह पता लगाना है कि कहीं नियमों के विपरीत नियुक्ति, वेतन निर्धारण या धन निकासी तो नहीं की गई।
जांच समिति की अध्यक्षता राजौरी स्थित सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय के मुख्य लेखा अधिकारी लियाकत महमूद करेंगे। उनके साथ सहायक निदेशक गुलजार हुसैन और सहायक लेखा अधिकारी शफात उल रहमान को समिति में शामिल किया गया है। समिति को वेतन अभिलेख, वेतन बिल, भुगतान संबंधी दस्तावेज और अन्य वित्तीय कागजात की गहन जांच करने का जिम्मा सौंपा गया है।
जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाओं का सत्यापन होगा। इसमें नियुक्ति, पदोन्नति, वेतन वृद्धि, अवकाश और वेतन निर्धारण से जुड़ी प्रविष्टियों की जांच की जाएगी। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा नियमों, वित्तीय संहिता और वेतन-भत्तों से जुड़े अन्य नियमों का पालन किया या नहीं।
मामले में कथित फर्जी कर्मचारियों के नाम पर वेतन निकालने के आरोप भी सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी कथित अवैध निकासी की राशि एक लाख से लेकर 60 लाख रुपये तक बताई गई है। समिति संबंधित आरोपों और इसमें बताए गए कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच करेगी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
समिति को यह भी जांचना है कि वर्ष 2021 में कुछ कर्मचारियों की बहाली से जुड़े आदेश जारी करने से पहले विभागीय जांच या लेखा परीक्षण हुआ था या नहीं। जांच समिति को अपनी विस्तृत रिपोर्ट और सुझाव 15 दिनों के भीतर प्रशासनिक विभाग को सौंपने का निर्देश दिया गया है। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता या जिम्मेदारी तय होती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।