हाल के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े बताते हैं कि लद्दाख में अपराध मामलों में 2022 के बाद फिर से वृद्धि दर्ज की गई है। यह क्षेत्र सामान्यतः शांत और कम अपराध वाले इलाके के रूप में जाना जाता है, लेकिन ताज़ा आंकड़े यह संकेत देते हैं कि सामाजिक और प्रशासनिक चुनौतियाँ बढ़ रही हैं।
NCRB के अनुसार, लद्दाख में बढ़ते अपराधों में मारपीट, चोरी, अपहरण, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध प्रमुख हैं। हालांकि कुल मामलों की संख्या देश के बड़े शहरों के मुकाबले कम है, लेकिन क्षेत्र की संवेदनशीलता और सीमित संसाधनों के कारण ये घटनाएँ अधिक गंभीर दिखाई देती हैं। उच्च चार्जशीटिंग दर यह दर्शाती है कि पुलिस अधिकांश मामलों में तफ्तीश करके उन्हें न्यायालय तक ले जा रही है, लेकिन प्रशासनिक दबाव और सुरक्षा बलों की सीमित संख्या चुनौती बनी हुई है।
विशेष रूप से, लेह और कारगिल जिलों में हाल के वर्षों में सार्वजनिक प्रदर्शन और सामाजिक असंतोष के कारण अपराध की प्रवृत्ति में उछाल आया है। कुछ मामलों में हिंसक घटनाओं के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों पर भी हमला हुआ, जिससे प्रशासनिक चुनौती और बढ़ गई। यह संकेत देता है कि लद्दाख में केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि सामुदायिक और सामाजिक तनाव भी अपराध दर को प्रभावित कर रहा है।