लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, पर्यावरण कार्यकर्ता और समाजसेवी Sonam Wangchuk को कई महीनों की हिरासत के बाद रिहा कर दिया गया है। उनकी रिहाई की खबर से उनके समर्थकों और लद्दाख के लोगों में खुशी का माहौल देखा गया।
सोनम वांगचुक को पिछले साल लद्दाख में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिया गया था। यह विरोध प्रदर्शन लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत विशेष संरक्षण की मांग को लेकर किए जा रहे थे। इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे, जिनमें छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी थे। सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए और कुछ प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिया, जिनमें सोनम वांगचुक भी शामिल थे।
हिरासत के दौरान कई सामाजिक संगठनों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनकी रिहाई की मांग की थी। उनका कहना था कि सोनम वांगचुक एक शांतिपूर्ण आंदोलन चला रहे थे और उनकी गिरफ्तारी उचित नहीं थी। दूसरी ओर प्रशासन का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया था।
लगभग छह महीने तक हिरासत में रहने के बाद सरकार ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की समीक्षा की और उन्हें रिहा करने का फैसला किया। रिहाई के बाद सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों और सभी लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने इस कठिन समय में उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा लद्दाख के पर्यावरण की रक्षा करना और क्षेत्र के लोगों के अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना रहा है।
उनकी रिहाई को लद्दाख के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है। कई लोग उम्मीद कर रहे हैं कि अब सरकार और लद्दाख के नेताओं के बीच बातचीत का रास्ता खुलेगा और क्षेत्र की समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान निकलेगा।