जम्मू-कश्मीर में कारोबारी गतिविधियों को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में नए व्यापार पंजीकरणों में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वृद्धि को निवेशकों के बढ़ते भरोसे और सरकार की व्यापार समर्थक नीतियों का परिणाम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक पर्यटन, होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, आईटी सेवाओं और छोटे उद्योगों से जुड़े नए व्यवसायों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खासतौर पर श्रीनगर, जम्मू, बारामूला और अनंतनाग जैसे क्षेत्रों में युवाओं द्वारा स्टार्टअप और छोटे कारोबार शुरू करने की रुचि बढ़ी है। डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रियाओं के सरल होने से भी व्यापार शुरू करना पहले की तुलना में आसान हुआ है।
सरकार द्वारा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कई नई योजनाएं लागू की गई हैं। औद्योगिक नीति, टैक्स में राहत और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि प्रदेश में बेहतर सड़क नेटवर्क, बिजली और इंटरनेट सुविधाओं में सुधार के कारण बाहरी निवेशकों की रुचि भी बढ़ रही है।
व्यापार संगठनों ने इस वृद्धि का स्वागत करते हुए कहा कि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। हालांकि कुछ व्यापारियों ने सुरक्षा, परिवहन और मौसम से जुड़ी चुनौतियों को अभी भी चिंता का विषय बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह निवेश और विकास की गति बनी रही तो आने वाले वर्षों में जम्मू-कश्मीर उत्तर भारत के प्रमुख कारोबारी और पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है। यह बढ़ोतरी प्रदेश में आर्थिक स्थिरता और विकास की नई उम्मीद लेकर आई है।