हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए राज्य प्रशासन ने शिमला, मंडी और कुल्लू सहित कई संवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। जिला प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) और अन्य संबंधित विभागों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार, लगातार वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़, चट्टानें गिरने और सड़कें अवरुद्ध होने का खतरा बढ़ गया है। विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों, पहाड़ी मार्गों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील गांवों और बस्तियों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीमें मशीनरी के साथ तैयार रखी गई हैं। किसी भी मार्ग पर भूस्खलन होने की स्थिति में मलबा हटाकर यातायात जल्द बहाल करने की व्यवस्था की गई है। वहीं बिजली और पेयजल विभागों को भी संभावित व्यवधान से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे न जाने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। होटल संचालकों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी पर्यटकों को मौसम की ताज़ा जानकारी उपलब्ध कराने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह देने को कहा गया है।
प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा टीमों को भी पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित करने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना भी तैयार कर ली गई है।
अधिकारियों ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सरकारी स्रोतों से जारी मौसम संबंधी जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हालात के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम रखा जा सके।