श्रीनगर के दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) में आयोजित “म्यूजिक फेस्टिवल 2026” संगीत, कला और युवा प्रतिभाओं का एक शानदार उत्सव बनकर उभरा। इस विशेष आयोजन में कश्मीर घाटी के विभिन्न स्कूलों से आए सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और अपनी गायन तथा वाद्य संगीत की प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी कला प्रस्तुत करने के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना और उनमें संगीत के प्रति रुचि को बढ़ावा देना था।
फेस्टिवल के दौरान एकल गायन, समूह गायन, वाद्य यंत्र वादन और लोक संगीत जैसी कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने शास्त्रीय, सूफी, कश्मीरी लोक और आधुनिक संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सभागार तालियों की गूंज से भरता रहा और उपस्थित लोगों ने युवा कलाकारों के प्रदर्शन की खुलकर सराहना की।
आयोजन में भाग लेने वाले छात्रों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और नए अनुभव प्राप्त करने का अवसर देते हैं। कई विद्यार्थियों ने पहली बार इतने बड़े मंच पर प्रस्तुति दी, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा। शिक्षकों और संगीत विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन देते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की।
डीपीएस श्रीनगर के प्रबंधन ने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे कार्यक्रम छात्रों में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने में भी सहायक होते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। म्यूजिक फेस्टिवल 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कश्मीर के युवाओं में संगीत और कला के क्षेत्र में अपार प्रतिभा मौजूद है। उचित अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर ये युवा कलाकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी विशेष पहचान बना सकते हैं। यह आयोजन घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।