इस वर्ष होने वाली Amarnath Yatra को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 670 CAPF कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दे दी है। सुरक्षा बलों की यह अतिरिक्त तैनाती जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों, यात्रा मार्गों और प्रमुख पड़ावों पर की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही तैयारियों में जुट गई हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), ITBP और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान यात्रा मार्गों पर तैनात रहेंगे। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना भी सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभाएंगी।
यात्रा मार्गों पर CCTV निगरानी, ड्रोन सर्विलांस और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त चेकिंग पॉइंट बनाए जा रहे हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए मेडिकल कैंप, कंट्रोल रूम और आपातकालीन सहायता केंद्र भी स्थापित करने की योजना बनाई है।
सरकार का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार सुरक्षा इंतजाम और अधिक मजबूत किए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और आपदा प्रबंधन टीमें मिलकर यात्रा को सफल बनाने में जुटी हुई हैं।
अमरनाथ यात्रा हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनती है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें।