Kashmir में साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ऑनलाइन ठगी करने वाले अपराधी अब OTP, KYC अपडेट, फर्जी बैंक कॉल और AI आधारित तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर सेल और पुलिस विभाग ने आम लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है और सतर्क रहने की अपील की है।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार अपराधी मोबाइल मैसेज, सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। कई मामलों में लोगों को बैंक खाते बंद होने, KYC अपडेट करने या इनाम जीतने का झांसा देकर OTP और बैंक डिटेल मांगी गई। जैसे ही लोग जानकारी साझा करते हैं, उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लिए जाते हैं।
पुलिस का कहना है कि अब साइबर अपराधी AI तकनीक का भी इस्तेमाल करने लगे हैं। फर्जी आवाज और वीडियो कॉल के जरिए लोगों को धोखा देने के मामले सामने आए हैं। कुछ मामलों में अपराधियों ने रिश्तेदार या बैंक अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ट्रांसफर करवाए। युवाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा निशाना बनाया जा रहा है।
साइबर सेल ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और OTP, ATM PIN या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अधिकारियों ने कहा कि बैंक या सरकारी एजेंसियां कभी फोन पर निजी जानकारी नहीं मांगतीं। यदि किसी के साथ ऑनलाइन ठगी होती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।
पुलिस ने स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर साइबर जागरूकता अभियान भी शुरू किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सुरक्षा और जागरूकता ही ऐसे अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। प्रशासन लगातार साइबर अपराधियों पर नजर बनाए हुए है और मामलों की जांच तेज कर दी गई है।