लद्दाख के लेह और कारगिल जिलों में मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान बारिश, तेज हवाओं और कुछ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रतिकूल मौसम की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और वाहन चालकों से विशेष सतर्कता बरतने तथा मौसम संबंधी ताज़ा जानकारी के आधार पर ही यात्रा करने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के प्रभाव से लद्दाख के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दृश्यता कम होने, तापमान में गिरावट और कुछ स्थानों पर भूस्खलन या पत्थर गिरने जैसी घटनाओं की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख सड़कों और संवेदनशील मार्गों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। आवश्यकता पड़ने पर मशीनों और राहत दलों को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में भेजने की तैयारी भी कर ली गई है।
पर्यटकों को पैंगोंग झील, नुब्रा घाटी, खारदुंग ला, चांग ला और अन्य ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों की यात्रा से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें।
कृषि और बागवानी विभाग ने भी किसानों और पशुपालकों से अपनी फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने को कहा है। तेज हवाओं और बारिश से कृषि गतिविधियों पर असर पड़ सकता है, इसलिए मौसम साफ होने के बाद ही खुले क्षेत्रों में कार्य करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल मौसम विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। अधिकारियों का कहना है कि अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण हैं और सभी संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।