जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गांदरबल जिले के नूनर क्षेत्र में आयोजित लैवेंडर फेस्टिवल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कृषि और बागवानी क्षेत्र में नवाचार तथा उच्च मूल्य वाली फसलों के महत्व पर बल देते हुए किसानों के लिए नए आर्थिक अवसरों की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि विशेषज्ञ, स्थानीय उद्यमी और सरकारी अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लैवेंडर की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है और यह किसानों की आय बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ सुगंधित और औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। लैवेंडर से तैयार होने वाले तेल और अन्य उत्पादों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी मांग है, जिससे किसानों को बेहतर लाभ मिलने की संभावना है।
उमर अब्दुल्ला ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और नई फसलों की ओर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
लैवेंडर फेस्टिवल के दौरान विभिन्न स्टॉल लगाए गए, जहां किसानों को लैवेंडर की खेती, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने भी किसानों को बेहतर उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने के उपायों के बारे में जानकारी दी।
स्थानीय किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि लैवेंडर की खेती से उन्हें पारंपरिक फसलों की तुलना में बेहतर आय प्राप्त हो रही है। उन्होंने सरकार से इस क्षेत्र में और अधिक तकनीकी तथा वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की।
यह फेस्टिवल जम्मू-कश्मीर में कृषि विविधीकरण, ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में कृषि आधारित उद्यमिता और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।