लद्दाख के लेह जिले में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण ATM फ्रॉड और साइबर धोखाधड़ी मामले का खुलासा करते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में बढ़ रहे साइबर अपराधों के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। मामले की जांच के दौरान अधिकारियों ने उन तरीकों का खुलासा किया जिनका इस्तेमाल ठग लोगों के बैंक खातों से पैसे निकालने के लिए कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बैंक खातों से बिना अनुमति के रकम निकाली गई है। शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया गया। जांच में सामने आया कि ठग फर्जी फोन कॉल, मैसेज और ऑनलाइन लिंक के माध्यम से लोगों की बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में अपराधी खुद को बैंक कर्मचारी या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों से ATM कार्ड नंबर, CVV, OTP और अन्य गोपनीय जानकारी मांगते हैं। जैसे ही पीड़ित यह जानकारी साझा करते हैं, उनके खातों से धनराशि निकाल ली जाती है। पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि कोई भी बैंक या सरकारी संस्था फोन पर OTP, PIN या पासवर्ड नहीं मांगती।
लेह पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, ईमेल या संदेश पर भरोसा न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी की आशंका हो तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। प्रशासन और पुलिस विभाग समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं ताकि लोग डिजिटल लेनदेन करते समय सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार न बनें।