लद्दाख प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। यह बैठक सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति जानने और विभिन्न जिलों में चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा के उद्देश्य से बुलाई गई थी। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव ने की, जिसमें लेह और कारगिल के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि पर्यटन बढ़ने, शहरी विस्तार और प्लास्टिक उपयोग में वृद्धि के कारण लद्दाख में कचरे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। विशेष रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कचरा निस्तारण एक बड़ी चुनौती बन चुका है। प्रशासन ने माना कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इसका असर पर्यावरण, जल स्रोतों और स्थानीय जीवनशैली पर पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में लद्दाख प्रशासन ने विभिन्न नगर निकायों को कचरा पृथक्करण, रिसाइक्लिंग और प्लास्टिक कचरे के उचित निस्तारण की प्रक्रिया तेज करने को कहा है। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि खुले में कचरा फेंकने और जलाने जैसी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
बैठक में पर्यावरण विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि स्थानीय समुदायों और युवाओं को स्वच्छता अभियानों से जोड़ना बेहद जरूरी है। स्कूलों और गांव स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर भी जोर दिया गया।
प्रशासन का कहना है कि लद्दाख की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरणीय संतुलन को बचाने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। आने वाले महीनों में कई नई योजनाएं और आधुनिक कचरा निस्तारण केंद्र शुरू किए जाने की संभावना है।