जम्मू। जम्मू की विशेष राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण अदालत ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर सैफुल्लाह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण के अनुसार, सैफुल्लाह जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क को पाकिस्तान से संचालित करने और आतंकियों को हथियार, धन तथा निर्देश उपलब्ध कराने से जुड़ा रहा है। उसे अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले सहित कई बड़ी आतंकी घटनाओं से भी जोड़ा गया है।
अदालत ने यह कार्रवाई जांच एजेंसी की ओर से पेश की गई सामग्री और दलीलों पर विचार करने के बाद की। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि आरोपी पाकिस्तान में मौजूद है और सामान्य कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से उसकी उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो सकी। इसके बाद अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए उसे लागू करने के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजने का निर्देश दिया।
जांच एजेंसी के मुताबिक सैफुल्लाह का संबंध एक ऐसे आतंकी मॉड्यूल से सामने आया है, जिसकी जांच के दौरान पाकिस्तान स्थित संचालकों और जम्मू-कश्मीर में मौजूद स्थानीय सहयोगियों के बीच संपर्क की जानकारी मिली। एजेंसी का दावा है कि सैफुल्लाह ने सुरक्षा बलों, आम नागरिकों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने से संबंधित गतिविधियों के लिए निर्देश उपलब्ध कराए थे।
सैफुल्लाह को विभिन्न उपनामों से भी जाना जाता है। जांच एजेंसी के अनुसार, वह लंबे समय से लश्कर की गतिविधियों से जुड़ा रहा है और पहले जम्मू-कश्मीर के कुलगाम क्षेत्र में भी आतंकी कमांडर के रूप में सक्रिय था। बाद में उसके पाकिस्तान चले जाने की जानकारी सामने आई।
गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद अब संबंधित सुरक्षा और जांच एजेंसियां कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई करेंगी। यह मामला जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क और उसके स्थानीय संपर्कों की जांच का हिस्सा है।