जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में पुलिस ने पीर पंजाल क्षेत्र में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा से कथित रूप से जुड़े एक ओवर ग्राउंड वर्कर नेटवर्क का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी आईईडी भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पीर पंजाल क्षेत्र में सक्रिय एक आतंकी मॉड्यूल की जांच के दौरान की गई।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जाकिर हुसैन, मोहम्मद आजम और मोहम्मद मुश्ताक के रूप में हुई है। तीनों राजौरी जिले के रहने वाले बताए गए हैं। प्रारंभिक जांच में आरोपियों पर आतंकवादियों को रसद संबंधी सहायता, सुरक्षित आवाजाही और जमीनी स्तर पर अन्य मदद उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि आरोपी कथित तौर पर मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हुए आतंकी समूहों की कश्मीर घाटी की ओर आवाजाही में सहायता करते थे।
जांच के दौरान एक आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर आईईडी बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह उपकरण कथित तौर पर एक आतंकी समूह के सदस्यों ने सुरक्षित रखने और संभावित लक्षित हमले में इस्तेमाल के लिए सौंपा था। हालांकि, मामले से जुड़ी सभी जानकारियां अभी जांच के अधीन हैं।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और गिरफ्तार आरोपियों की कथित भूमिका की पूरी जानकारी जुटाने में लगी है। अधिकारियों के अनुसार, जांच का उद्देश्य आतंकियों को स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सहायता और उनके संपर्कों का पता लगाना भी है।
राजौरी और पुंछ सहित पीर पंजाल क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां आतंकी नेटवर्क के स्थानीय सहयोगियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकता है।