जम्मू-कश्मीर में अगस्त 2026 के दौरान महंगाई दर बढ़कर 4.09 प्रतिशत हो गई है। केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में जम्मू-कश्मीर की महंगाई दर 3.87 प्रतिशत थी। इस तरह अगस्त में इसमें 0.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में ग्रामीण क्षेत्रों की महंगाई दर अगस्त में 3.97 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 4.39 प्रतिशत रही। संयुक्त रूप से यह दर 4.09 प्रतिशत दर्ज की गई। इससे पता चलता है कि शहरी क्षेत्रों में कीमतों का दबाव ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अधिक रहा।
महंगाई बढ़ने का सीधा असर रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ता है। खाद्य पदार्थों, सब्जियों, दालों, दूध, मांस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बदलाव से परिवारों के मासिक खर्च पर असर पड़ सकता है। कारोबार के स्तर पर भी परिवहन, भंडारण और अन्य परिचालन लागत बढ़ने से वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर दबाव बन सकता है।
जम्मू-कश्मीर में महंगाई दर पिछले कुछ महीनों से लगातार ऊपर गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में यह 2.67 प्रतिशत, मई में 2.84 प्रतिशत, जून में 3.52 प्रतिशत और जुलाई में 3.87 प्रतिशत थी। अगस्त में इसके 4.09 प्रतिशत तक पहुंचने से लगातार पांचवें महीने वृद्धि दर्ज हुई।
देशभर की स्थिति से तुलना करें तो अगस्त में भारत की खुदरा महंगाई दर 4.82 प्रतिशत रही। राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य महंगाई दर 5.95 प्रतिशत दर्ज की गई।
महंगाई के आंकड़े सरकार, कारोबार और उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतक होते हैं। आने वाले महीनों में खाद्य वस्तुओं की कीमत, मौसम और आपूर्ति व्यवस्था जैसे कारक जम्मू-कश्मीर में महंगाई की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। अगस्त के ये आंकड़े फिलहाल कीमतों पर बढ़ते दबाव की तस्वीर पेश करते हैं।