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Home » जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड के आदेश पर विवाद, विरोध के बाद बदला फैसला
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जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड के आदेश पर विवाद, विरोध के बाद बदला फैसला

Ladakh SamacharBy Ladakh Samachar14/09/2026No Comments2 Mins Read
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की ओर से दरगाहों और धार्मिक स्थलों पर कबूतरों को दाना खिलाने तथा खाद्य सामग्री बांटने को लेकर जारी एक आदेश विवाद का विषय बन गया। आदेश सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने इसका विरोध किया। बढ़ते विरोध के बीच बोर्ड ने अपने पहले के निर्देश में बदलाव किया है।

रिपोर्टों के अनुसार, वक्फ बोर्ड ने दरगाह परिसरों में कबूतरों को दाना खिलाने और कुछ खाद्य सामग्री के वितरण पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। इसके पीछे धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने और परिसर में साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं को नियंत्रित करने का तर्क दिया गया था। हालांकि, आदेश के बाद लोगों ने इसे धार्मिक परंपराओं से जोड़ते हुए आपत्ति जताई।

कई श्रद्धालुओं का कहना था कि दरगाहों और धार्मिक स्थलों पर पक्षियों को दाना खिलाना लंबे समय से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है। इसलिए इस तरह की रोक से श्रद्धालुओं की भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा और विरोध बढ़ने के बाद वक्फ बोर्ड ने अपने निर्देश की समीक्षा की।

बोर्ड की ओर से संशोधित आदेश में पहले लगाए गए प्रतिबंधों में बदलाव किया गया। इसके साथ ही धार्मिक स्थलों की स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक गतिविधियों और परिसर की साफ-सफाई के बीच संतुलन कायम रखा जाए।

दरगाहों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में खाद्य सामग्री और दाना डालने से परिसर में गंदगी फैलने, पक्षियों की संख्या बढ़ने और सफाई व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। बोर्ड इन्हीं पहलुओं को लेकर व्यवस्था बेहतर करने की कोशिश कर रहा है।

वहीं, श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए आदेश में बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल वक्फ बोर्ड की ओर से धार्मिक स्थलों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को लेकर आगे भी दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है। मामले ने एक बार फिर धार्मिक परंपराओं और सार्वजनिक स्थलों की व्यवस्था के बीच संतुलन की जरूरत को सामने ला दिया है।

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