नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने शिशु पोषण उत्पादों से जुड़े कथित नियमों के उल्लंघन को लेकर नेस्ले इंडिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। खाद्य नियामक ने कंपनी के तीन उत्पादों के संबंध में अलग-अलग तीन मामले दर्ज किए हैं। इनमें नैन एक्सेला प्रो स्टेज 1, लैकटोजेन प्रो 1 और एक अन्य फॉलो-अप फॉर्मूला शामिल हैं।
एफएसएसएआई के अनुसार, नियामक ने इन उत्पादों के साथ विभिन्न व्यापारिक मंचों पर उपलब्ध प्रचार सामग्री की भी जांच की। नैन एक्सेला प्रो स्टेज 1 के प्रचार में पांच एचएमओ और व्हे प्रोटीन से संबंधित दावों पर सवाल उठाए गए। वहीं, लैकटोजेन प्रो 1 के संबंध में व्हे प्रोटीन को आसानी से पचने योग्य बताए जाने वाले दावे को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया।
नियामक ने कहा कि शिशु पोषण उत्पादों के प्रचार और बिक्री बढ़ाने में मदद करने वाले दावों को लेकर विशेष नियम लागू हैं। एफएसएसएआई ने इन मामलों को शिशु पोषण से संबंधित नियमों के कथित उल्लंघन से जोड़ा है। ऐसे उत्पादों के प्रचार में किए जाने वाले दावों को लेकर नियामक पहले से निर्धारित प्रावधानों के तहत निगरानी करता है।
तीसरे मामले में कंपनी के एक फॉलो-अप फॉर्मूला के नमूने की जांच में निर्धारित मात्रा के अनुरूप बायोटिन नहीं पाए जाने की बात सामने आई। एफएसएसएआई के अनुसार, नमूने को दोबारा जांच के लिए भेजा गया और संदर्भ प्रयोगशाला की जांच में भी बायोटिन के स्तर को निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं पाया गया।
नेस्ले इंडिया ने कहा है कि उसके उत्पाद लागू नियमों के अनुरूप हैं। कंपनी के अनुसार, संबंधित उत्पादों और उनके लेबल को एफएसएसएआई की विशेषज्ञ समिति की मंजूरी मिली थी तथा कंपनी ने अधिकारियों को अपने जवाब और वैज्ञानिक साहित्य उपलब्ध कराया है। कंपनी ने यह भी कहा कि वह नियामक के साथ सहयोग जारी रखेगी।
मामले में आगे की प्रक्रिया के दौरान नियामक और कंपनी के पक्ष सामने आने के बाद अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।