लद्दाख के कारगिल जिले में स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और लोगों तक बैंकिंग सुविधाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने ऋण वितरण तथा वित्तीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की है। 9 सितंबर को कारगिल के उपायुक्त एवं लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी पार्षद की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें जून 2026 को समाप्त तिमाही के दौरान बैंकों के प्रदर्शन और विभिन्न सरकारी वित्तीय योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिले में ऋण वितरण की स्थिति, जमा और ऋण के अनुपात तथा वर्ष 2026-27 की वार्षिक ऋण योजना के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की गई। रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाओं को भी बैठक में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। प्रशासन ने बैंकों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया, ताकि पात्र लोगों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके।
किसान ऋण कार्ड, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा बैंकों में लंबे समय से पड़े लावारिस जमा खातों के निपटारे पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने गांववार लाभार्थियों की सूची तैयार करने और संबंधित अधिकारियों के सहयोग से पात्र लोगों की पहचान करने को कहा है।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना, बुनकर मुद्रा योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और प्रधानमंत्री जनधन योजना जैसी योजनाओं की बैंकवार प्रगति की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशासन का मानना है कि बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ने और ऋण सुविधाओं के बेहतर इस्तेमाल से कारगिल में छोटे कारोबार, कृषि, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।