कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील के किनारे आयोजित स्टार्टअप समिट में देशभर से आए युवा उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और नवाचार से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस समिट का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में उभरते स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना, युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और नए व्यावसायिक विचारों को निवेशकों से जोड़ना था। कार्यक्रम के दौरान तकनीक, कृषि, पर्यटन, हस्तशिल्प, सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवाओं और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों से जुड़े अनेक स्टार्टअप ने अपने नवाचार प्रस्तुत किए।
समिट में युवा उद्यमियों ने अपने व्यावसायिक मॉडल, आधुनिक तकनीकों और स्थानीय संसाधनों पर आधारित परियोजनाओं की जानकारी निवेशकों के सामने रखी। कई स्टार्टअप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल सेवाओं, ई-कॉमर्स, स्मार्ट कृषि और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े समाधान पेश किए, जिन्हें निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों ने सराहा। विशेषज्ञों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं में नवाचार की अपार क्षमता है और उन्हें उचित मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता तथा बाज़ार उपलब्ध कराया जाए तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
कार्यक्रम में सरकारी अधिकारियों ने भी भाग लेते हुए कहा कि केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रहे हैं। युवाओं को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में नवाचार केंद्र तथा इनक्यूबेशन सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।
समिट के दौरान निवेशकों और स्टार्टअप संस्थापकों के बीच कई दौर की व्यावसायिक बैठकों का आयोजन भी हुआ, जिनमें संभावित निवेश और साझेदारी पर चर्चा की गई। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर को नवाचार और उद्यमिता के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, स्थानीय युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने की दिशा में प्रेरित करना ही ऐसे आयोजनों का सबसे बड़ा उद्देश्य है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिल सके।