भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन 19 से 21 जून तक अपने पहले आधिकारिक लद्दाख दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भी शामिल होंगे। उनके दौरे को लद्दाख के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे क्षेत्र के विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
उपराष्ट्रपति के दौरे को लेकर लद्दाख प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। लेह और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है तथा विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार उपराष्ट्रपति अपने दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे और स्थानीय प्रतिनिधियों तथा अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे।
दौरे का मुख्य आकर्षण 21 जून को आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम होगा। लद्दाख की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, विद्यार्थी, सुरक्षा बलों के जवान और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे। उपराष्ट्रपति योग दिवस के अवसर पर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश देंगे।
इसके अलावा, उनके कार्यक्रम में लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन संभावनाओं और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रशासन का मानना है कि इस दौरे से लद्दाख को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान मिलेगी तथा विकास परियोजनाओं को गति प्राप्त होगी।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मद्देनजर पूरे लद्दाख में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में योग अभ्यास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। लोगों में भी इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
उपराष्ट्रपति का यह दौरा न केवल योग और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि लद्दाख के विकास और केंद्र सरकार के साथ क्षेत्रीय समन्वय को भी मजबूती प्रदान करेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि यह यात्रा लद्दाख के लिए कई सकारात्मक अवसर लेकर आएगी।