जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में अप्रैल 2026 के दौरान जारी किए गए कई ट्रांसफर आदेशों को रद्द करने का फैसला लिया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने और अस्पतालों में डॉक्टरों तथा मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद स्वास्थ्य विभाग में चल रही प्रशासनिक हलचल पर फिलहाल विराम लग गया है।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि पहले किए गए कुछ तबादलों से कई अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी पैदा होने की आशंका थी। खासकर दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में मरीजों को इलाज संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता था। इसी को देखते हुए सरकार ने पुराने आदेशों को निरस्त कर कर्मचारियों की पूर्व नियुक्तियों को बहाल करने का निर्णय लिया।
सूत्रों के अनुसार, ट्रांसफर आदेशों को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई स्थानों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद प्रशासन ने पूरे मामले की समीक्षा की और जरूरी बदलाव करने का फैसला लिया।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी ट्रांसफर नीति को लागू करते समय अस्पतालों की जरूरत, मरीजों की संख्या और क्षेत्रीय परिस्थितियों को प्राथमिकता दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि प्रदेश में बेहतर और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहतर बनी रहेगी। साथ ही मरीजों को इलाज के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।