पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय तनाव और बढ़ गया जब भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता Suvendu Adhikari के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद राज्य के कई जिलों में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और भाजपा ने इसे “राजनीतिक हिंसा” का मामला बताते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
घटना पूर्व मिदनापुर जिले में हुई, जहां चंद्रनाथ रथ का शव देर रात सड़क किनारे मिला। स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि बढ़ते राजनीतिक दबाव को देखते हुए राज्य सरकार ने CID जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में कई पहलुओं पर काम किया जा रहा है और कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की गई है। (economictimes.indiatimes.com)
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में विपक्षी कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो पार्टी राज्यभर में आंदोलन करेगी।
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। राज्य सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
इस घटना के बाद पूर्व मिदनापुर, कोलकाता और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला बंगाल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है और राज्य में राजनीतिक ध्रुवीकरण और बढ़ सकता है।