Ladakh जैसे ऊँचे पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यहाँ आने वाले पर्यटकों को अक्सर ऊँचाई से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी कारण लद्दाख के स्वास्थ्य विभाग ने हाल के दिनों में ऊँचाई से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।
डॉक्टरों के अनुसार, ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने के कारण लोगों को Altitude Sickness यानी ऊँचाई से होने वाली बीमारी हो सकती है। इस बीमारी में सिरदर्द, चक्कर आना, सांस लेने में कठिनाई, थकान और उल्टी जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। यदि समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति गंभीर भी हो सकती है।
लद्दाख में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं। कई पर्यटक सीधे ऊँचाई वाले इलाकों में चले जाते हैं, जिससे उनके शरीर को वहाँ के वातावरण के अनुसार ढलने का समय नहीं मिल पाता। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग पर्यटकों को सलाह दे रहा है कि वे पहले कुछ समय कम ऊँचाई वाले स्थानों पर रुकें और धीरे-धीरे ऊँचाई की ओर बढ़ें।
इसके अलावा स्थानीय अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष चिकित्सा सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम पर्यटकों और स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दे रही है। कई स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जा रहे हैं ताकि लोगों की समय-समय पर जांच की जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त पानी पीना, ज्यादा मेहनत वाले काम से बचना और डॉक्टर की सलाह का पालन करना ऊँचाई से होने वाली बीमारियों से बचने में मदद कर सकता है।
इस तरह लद्दाख में स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों सुरक्षित रहें और इस खूबसूरत पहाड़ी क्षेत्र का आनंद बिना किसी स्वास्थ्य समस्या के ले सकें।