देशभर में आने वाले गंगा दशहरा और पद्मिनी एकादशी पर्व को लेकर धार्मिक माहौल बनने लगा है। Ganga Dussehra और Padmini Ekadashi के अवसर पर मंदिरों, आश्रमों और धार्मिक संस्थाओं में विशेष तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। श्रद्धालुओं के बीच इन दोनों पर्वों को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है।
गंगा दशहरा के मौके पर हरिद्वार, वाराणसी, प्रयागराज और ऋषिकेश जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर समितियों और प्रशासन ने स्नान घाटों, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। गंगा आरती, भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचनों के आयोजन की भी योजना बनाई जा रही है। मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन पवित्र गंगा में स्नान करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
वहीं पद्मिनी एकादशी को लेकर भी वैष्णव मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं में विशेष पूजा-अर्चना की तैयारियां चल रही हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह एकादशी अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत रखने का विशेष महत्व बताया गया है। कई मंदिरों में अखंड कीर्तन, सत्संग और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
धार्मिक संस्थाओं ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा और सुरक्षा की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। गर्मी को देखते हुए कई स्थानों पर जल सेवा और छाया व्यवस्था भी की जा रही है।
सोशल मीडिया पर भी इन पर्वों से जुड़े धार्मिक संदेश, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त तेजी से साझा किए जा रहे हैं। धार्मिक विद्वानों का कहना है कि ये पर्व लोगों को आध्यात्मिक शांति, सकारात्मकता और संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।