जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर और दक्षिण कश्मीर में नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विशेष अभियान तेज कर दिया है। इस अभियान के तहत विभिन्न जिलों में लगातार तलाशी अभियान, नाकेबंदी और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य नशा तस्करी के संगठित नेटवर्क को ध्वस्त करना और युवाओं को नशे की लत से बचाना है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, श्रीनगर, अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां और कुलगाम सहित कई क्षेत्रों में विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं। अभियान के दौरान कई स्थानों पर छापेमारी की गई, संदिग्ध वाहनों की जांच की गई और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों की पहचान करने के प्रयास तेज किए गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि तस्करी में शामिल गिरोह किन माध्यमों से मादक पदार्थों की आपूर्ति कर रहे हैं और उनका नेटवर्क किन क्षेत्रों तक फैला हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा नशे से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया भी जारी है। पुलिस का कहना है कि कानून के तहत दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नशे के बढ़ते खतरे को देखते हुए पुलिस केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता अभियान भी चला रही है। स्कूलों, कॉलेजों और स्थानीय समुदायों में कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जा रही है। अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से भी इस मुहिम में सहयोग करने की अपील की गई है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या नशा तस्करी से जुड़ी जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। अधिकारियों का कहना है कि जनता के सहयोग और लगातार चल रहे अभियानों के माध्यम से नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है तथा समाज को इस गंभीर समस्या से सुरक्षित रखा जा सकता है।