जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दौरे पर पहुंची संसदीय समिति विभिन्न विकास परियोजनाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और रणनीतिक महत्व के विषयों की समीक्षा कर रही है। समिति का उद्देश्य केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति का आकलन करना, स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करना तथा क्षेत्र की आवश्यकताओं और चुनौतियों को समझना है। इस दौरान समिति के सदस्य दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, समिति सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रही है। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, संचार सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न विभागों ने समिति के समक्ष अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
लद्दाख के दौरे के दौरान समिति ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की। वहीं जम्मू-कश्मीर में पर्यटन, निवेश, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने समिति को बताया कि कई परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता तथा गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्थानीय नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को भी गंभीरता से लेने पर जोर दिया गया।
प्रशासन का कहना है कि संसदीय समिति का यह दौरा क्षेत्र के समग्र विकास, प्रशासनिक सुधार और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन करने के लिए महत्वपूर्ण है। समिति अपनी समीक्षा पूरी करने के बाद केंद्र सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आवश्यक सुझाव और आगे की कार्रवाई की जा सकती है।