जम्मू-कश्मीर में पहली बार अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव आयोजित करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यह ऐतिहासिक आयोजन सितंबर 2026 में प्रस्तावित है और इसे प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति तथा फिल्म उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस महोत्सव में भारत सहित दुनिया के कई देशों के फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार, लेखक और सिनेमा विशेषज्ञ भाग लेने वाले हैं।
प्रशासन और आयोजन समिति के अनुसार, फिल्म महोत्सव का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को वैश्विक फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना और यहां की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यटन क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करना है। कश्मीर की खूबसूरत वादियां, झीलें, बर्फ से ढके पहाड़ और ऐतिहासिक स्थल लंबे समय से फिल्म निर्माताओं की पसंद रहे हैं। अब इस महोत्सव के माध्यम से क्षेत्र को एक नई पहचान देने की कोशिश की जा रही है।
फिल्म महोत्सव के दौरान विभिन्न देशों की फीचर फिल्में, डॉक्यूमेंट्री, लघु फिल्में और क्षेत्रीय सिनेमा का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा फिल्म निर्माण, पटकथा लेखन, डिजिटल मीडिया और नई तकनीकों से जुड़े विशेष सत्र और कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। युवा फिल्मकारों और छात्रों को अनुभवी विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों का मानना है कि इस महोत्सव से स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और रचनात्मक प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा। साथ ही होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को भी आर्थिक लाभ होने की उम्मीद है।
फिल्म उद्योग से जुड़े कई प्रतिष्ठित नामों को इस आयोजन में आमंत्रित किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्थानीय कला प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे जम्मू-कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव जम्मू-कश्मीर को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के साथ-साथ पर्यटन और रचनात्मक उद्योगों के विकास को भी नई दिशा देगा।