देश के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। कई स्थानों पर नदियां चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने को कहा है।
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और असम सहित कई राज्यों में भारी वर्षा का असर नदियों के जलस्तर पर देखा जा रहा है। कई पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और तेज बहाव के कारण सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। नदी किनारे बसे गांवों और बस्तियों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), पुलिस और स्थानीय प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। राहत शिविरों की व्यवस्था, नावों की उपलब्धता, चिकित्सा सहायता और आवश्यक खाद्य सामग्री का भंडारण सुनिश्चित किया जा रहा है। जलभराव वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना भी तैयार रखी गई है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है। इसके चलते नदी-नालों के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार न करने और मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है। मछुआरों और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान लगातार वर्षा से बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय रहते सावधानी और प्रशासन की तैयारियां जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक कम कर सकती हैं। सरकार ने सभी संबंधित विभागों को चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।