आगामी अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा के दौरान लागू की जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।
बैठक के दौरान यात्रा मार्गों, बेस कैंपों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने महानिदेशक को बताया कि यात्रा के पारंपरिक पहलगाम और बालटाल मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर पूरे यात्रा मार्ग पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
सीआरपीएफ महानिदेशक ने कहा कि अमरनाथ यात्रा देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक है और इसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों को मिलकर काम करने की सलाह दी। उनका कहना था कि बेहतर समन्वय और समय पर सूचना साझा करने से किसी भी संभावित चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की तैयारियों की भी समीक्षा की। यात्रा के दौरान मौसम संबंधी चुनौतियों और आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की गई हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
अधिकारियों के अनुसार, अमरनाथ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस वर्ष यात्रा बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी प्रबंधन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न होगी।