अधिक मास की चतुर्थी के अवसर पर देशभर में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिल रहा है। इस पावन दिन पर भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है और विभिन्न मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। हिंदू धर्म में अधिक मास को अत्यंत पुण्यदायी और आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान किए गए जप, तप, दान और पूजा का विशेष फल प्राप्त होने की मान्यता है।
दिल्ली, वाराणसी, उज्जैन, मुंबई, जयपुर, हरिद्वार और नासिक सहित देश के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भक्तों ने सुबह से ही मंदिरों में पहुंचकर भगवान गणेश का अभिषेक और पूजन किया। कई स्थानों पर विशेष भजन-कीर्तन, हवन और धार्मिक प्रवचनों का आयोजन भी किया गया। मंदिरों को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया गया, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार अधिक मास की चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इस दिन कई श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान गणपति से परिवार की खुशहाली और सफलता की कामना करते हैं। महिलाओं और युवाओं ने भी बड़ी संख्या में पूजा-अर्चना में भाग लिया।
देश के विभिन्न धार्मिक संगठनों और आश्रमों में आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों को धर्म, सेवा और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया गया। कई स्थानों पर गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण भी किया गया। इसे पुण्य अर्जित करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।
प्रशासन ने प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। कुल मिलाकर अधिक मास की चतुर्थी ने देशभर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का वातावरण बना दिया है, जिसमें लाखों श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ शामिल हो रहे हैं।