वार्षिक अमरनाथ यात्रा के सफल, सुरक्षित और सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और सुरक्षा तैयारियों की व्यापक समीक्षा की है। उच्चस्तरीय बैठक में यात्रा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, संचार व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में गृह मंत्रालय, जम्मू-कश्मीर प्रशासन, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, भारतीय सेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने यात्रा मार्गों की सुरक्षा, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया।
सुरक्षा एजेंसियों को यात्रा मार्गों पर चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने, संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती करने तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से निगरानी को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन, संचार उपकरण और नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए गए हैं। इसके अलावा, यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षा बलों द्वारा कई स्थानों पर मॉक ड्रिल और संयुक्त अभ्यास भी किए गए हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा मार्गों पर चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस, ऑक्सीजन सहायता केंद्र, पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल और लंगर की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दलों को तैयार रखा गया है।
केंद्र सरकार ने सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे केवल पंजीकरण के बाद ही यात्रा करें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और मौसम संबंधी सलाह पर विशेष ध्यान दें। सरकार ने भरोसा जताया है कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न होगी।